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बीएचयू शोध छात्रों की प्रेस वार्ता
प्रेस-वार्ता प्रमुख बिन्दु प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में स्थित सौ साल पुराना काशी हिन्दू विश्वविद्यालय अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग के हितों पर कुठाराघात करने में सबसे अव्वल | अस्थाई ( टेन्टेटिव ) रिजर्वेशन रोस्टर (अनिश्चित-सा = tentative roster) से की गई गैर-क़ानूनी नियुक्तियां स्थायी रोस्टर लगाने पर रद्द हो सकती है। आवेदनकर्ता, उनके निकट सम्बन्धी और शोधार्थी भी लगे हैं आवेदन-पत्रों की जाँच में | आदरणीय मीडिया बंधुओ ! जैसा कि आप जानते हैं “अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति” काशी हिन्दू विवि में नियुक्तियों में की जा रही धांधली और आरक्षण को निष्प्रभावी बनाये जाने की साजिश के विरुद्ध आन्दोलनरत है. हमें अत्यन्त अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा है कि देश के लब्ध प्रतिष्ठित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में आरक्षण नियमों की घोर अवहेलना, रोस्टर में गडबडी, Tentative roster के द्वारा पदों की हेराफेरी कर अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व को समाप्त करके वंचित वर्गों के संवैधानिक आरक्षण को निष्प्रभावी किया जा रहा है....
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